रामचरित मानस के ‘दर्शन, अध्यात्म, और विज्ञानं’ का संक्षिप्त आध्यात्मिक स्वरूप। ************************** A concise spiritual essence of the “philosophy, spirituality, and science” of the Ramcharitmanas. मानस में रामकथा का प्रारम्भ और समापन स्थल ‘अयोध्या’ है। मानस का अर्थ है … Continue reading
Category Archives: Revered Goswami Tulsidas
बुद्धिहीन रावण! राम क्या मनुष्य हैं? रामनवमी के पुनीत अवसर पर महापुरुषों का विशिष्ट चिंतन..!! ******************************************** जद्यपि ब्रह्म अखण्ड अनन्ता। अनुभव गम्य भजहिं जेहि सन्ता।। (मानस, 3/12/12) योगी अनुभव में रमण करते हैं। अनुभव भव से अतीत एक … Continue reading
रामनवमी आगमन-एक विशिष्ट आध्यात्मिक पुष्पांजली! The Arrival of Ram Navami – A Special Spiritual Floral Offering! राम नाम मणिदीप है! The Name of Ram is a Gem-like Lamp ************************** कुसल कुसल कहत जग बिनसे ,कुसल काल की फाँसी । … Continue reading
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं । नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥ कन्दर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुन्दरं । पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि नोमि जनक सुतावरं ॥२॥ भजु दीनबन्धु दिनेश दानव … Continue reading
यह गोस्वामी तुलसीदास कृत महाकाव्य रामचरितमानस (श्रीराम के चरितों की सरिता) से लिया गया एक अंश है। दो0-पूँछेहु मोहि कि रहौं कहँ मैं पूँछत सकुचाउँ। जहँ न होहु तहँ देहु कहि तुम्हहि देखावौं ठाउँ।।१२७॥ सुनि मुनि बचन प्रेम रस साने। … Continue reading
** Bhagavad Gita contains the divine teachings imparted by Sri Krishna to his beloved disciple Arjuna on the battlefield of Mahabharata. Sri Krishna is the messenger of the holy sages, who, for thousands of years, have described the divine creator … Continue reading