राम, एक अनुभवगम्य आध्यात्मिक विश्लेषण। ************************************ Ram, a Perceptible Spiritual Interpretation. जो आनंद के समुद्र हैं, सुख की राशि हैं, अपनी एक बूंद से त्रैलोक्य को सुपास प्रदान करने वाले हैं, वे राम हैं।अलौकिक अनुभूतियों के द्वारा, अंग स्पंदन … Continue reading
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सो अज प्रेम भगति बस कौसल्या के गोद…..!!!!! ***************************************** That unborn, Eternal One Has, Out of Love and Devotion, Taken the Lap of Kausalya! “रचि महेश निज मानस राखा।” शंकरजी ने इसे अपने मन के अन्तराल में रखा था … Continue reading
रामनवमी के पुण्य अवसर पर पूज्य गुरुदेव द्वारा अमूल्य आध्यात्मिक रहस्योद्घाटन। जे राखे रघुबीर, ते उबरे तेहिं काल महु! **************************************** इहां देव ऋषि गरुड़ पठायो । राम समीप सपदि सो आयो ।। दो :- खगपति सब धरि खाए, माया … Continue reading
रामचरित मानस के ‘दर्शन, अध्यात्म, और विज्ञानं’ का संक्षिप्त आध्यात्मिक स्वरूप। ************************** A concise spiritual essence of the “philosophy, spirituality, and science” of the Ramcharitmanas. मानस में रामकथा का प्रारम्भ और समापन स्थल ‘अयोध्या’ है। मानस का अर्थ है … Continue reading
बुद्धिहीन रावण! राम क्या मनुष्य हैं? रामनवमी के पुनीत अवसर पर महापुरुषों का विशिष्ट चिंतन..!! ******************************************** जद्यपि ब्रह्म अखण्ड अनन्ता। अनुभव गम्य भजहिं जेहि सन्ता।। (मानस, 3/12/12) योगी अनुभव में रमण करते हैं। अनुभव भव से अतीत एक … Continue reading
रामनवमी आगमन-एक विशिष्ट आध्यात्मिक पुष्पांजली! The Arrival of Ram Navami – A Special Spiritual Floral Offering! राम नाम मणिदीप है! The Name of Ram is a Gem-like Lamp ************************** कुसल कुसल कहत जग बिनसे ,कुसल काल की फाँसी । … Continue reading